प्लक्षद्वीपवर्णनम्
Description of Plakṣa-dvīpa
त्रयी विद्या दण्डनीतिः शुश्रूषा शिल्पमेव च / वर्षद्वये सर्वमेतत्पुष्करस्य न विद्यते
trayī vidyā daṇḍanītiḥ śuśrūṣā śilpameva ca / varṣadvaye sarvametatpuṣkarasya na vidyate
वहाँ न त्रयी‑विद्या है, न दण्डनीति; न सेवा‑शुश्रूषा है, न शिल्प। पुष्कर के उस द्विवर्षीय प्रदेश में यह सब नहीं पाया जाता।