प्लक्षद्वीपवर्णनम्
Description of Plakṣa-dvīpa
स एव द्वीपपश्चार्द्धे मानसः पृथिवीधरः / एक एव महासारः सन्निवेशो द्विधा कृतः
sa eva dvīpapaścārddhe mānasaḥ pṛthivīdharaḥ / eka eva mahāsāraḥ sanniveśo dvidhā kṛtaḥ
द्वीप के पश्चिमार्ध में वही ‘मानस’ नामक पृथ्वीधर है; एक ही महान् सार-स्वरूप पर्वत का विन्यास दो भागों में किया गया है।