प्लक्षद्वीपवर्णनम्
Description of Plakṣa-dvīpa
रज्जुदोलोरुकामं यः शाल्मलिश्चासुरान्तकृत् / पञ्चमः सोमको नाम देवैर्यत्रामृतं पुरा
rajjudolorukāmaṃ yaḥ śālmaliścāsurāntakṛt / pañcamaḥ somako nāma devairyatrāmṛtaṃ purā
जो रज्जु-झूले के समान ऊँचा और मनोहर है, तथा ‘शाल्मलि’ नामक (असुरान्तक) वृक्ष से युक्त है—वह पाँचवाँ ‘सोमक’ कहलाता है, जहाँ देवताओं ने प्राचीन काल में अमृत (रखा/पाया) था।