कैलास-मन्दाकिनी-स्वच्छोदा-लौहित्य-सरयू-उद्गमवर्णनम्
Kailāsa and the Origins of Mandākinī, Svacchodā, Lauhitya, and Sarayū
नगमण्डलमध्येन प्रविष्टा लवणोदधिम् / तासां नद्युपनद्यश्च शतशो ऽथ सहस्रशः
nagamaṇḍalamadhyena praviṣṭā lavaṇodadhim / tāsāṃ nadyupanadyaśca śataśo 'tha sahasraśaḥ
पर्वत-मण्डल के मध्य से होकर वे लवण-समुद्र में प्रविष्ट हुईं; उनकी नदियाँ और उपनदियाँ सैकड़ों, फिर हजारों की संख्या में थीं।