कैलास-मन्दाकिनी-स्वच्छोदा-लौहित्य-सरयू-उद्गमवर्णनम्
Kailāsa and the Origins of Mandākinī, Svacchodā, Lauhitya, and Sarayū
अथ चीनमरूंश्चैव तालांश्च मसमूलिकान् / भद्रास्तुषारांल्लाम्याकान्बाह्लवान्पारटान्खशान्
atha cīnamarūṃścaiva tālāṃśca masamūlikān / bhadrāstuṣārāṃllāmyākānbāhlavānpāraṭānkhaśān
फिर वह चीन और मरु, तथा ताल और मसमूलिक; भद्र, तुषार, लाम्यक, बाह्लव, पारट और खश—इन देशों की ओर भी प्रवाहित हुई।