कैलास-मन्दाकिनी-स्वच्छोदा-लौहित्य-सरयू-उद्गमवर्णनम्
Kailāsa and the Origins of Mandākinī, Svacchodā, Lauhitya, and Sarayū
देवारण्यं विशोकं च तस्य तीरे महद्वनम् / तस्मिन्गिरौ निवसति यक्षो मणिधरो वशी
devāraṇyaṃ viśokaṃ ca tasya tīre mahadvanam / tasmingirau nivasati yakṣo maṇidharo vaśī
उसके तट पर ‘देवारण्य’ और ‘विशोक’ नाम का एक महान् वन है; उसी पर्वत पर मणिधर नामक वशी यक्ष निवास करता है।