Pṛthivyāyāma-vistara (Extent and Divisions of the Earth) / पृथिव्यायामविस्तरः
अत्र वो वर्णयिष्यामि वर्षे ऽस्मिन् भारते प्रजाः / इदं तु मध्यमं चित्रं शुभाशुभफलोदयम्
atra vo varṇayiṣyāmi varṣe 'smin bhārate prajāḥ / idaṃ tu madhyamaṃ citraṃ śubhāśubhaphalodayam
अब मैं इस भारतवर्ष में रहने वाली प्रजाओं का वर्णन करूँगा; यह मध्यम लोक का विचित्र चित्र है, जहाँ शुभ-अशुभ फलों का उदय होता है।