Pṛthivyāyāma-vistara (Extent and Divisions of the Earth) / पृथिव्यायामविस्तरः
तेषां संव्यवहारो ऽत्र वर्त्तते वै परस्परम् / धर्मार्थकामसंयुक्तो वर्णानां तु स्वकर्मसु
teṣāṃ saṃvyavahāro 'tra varttate vai parasparam / dharmārthakāmasaṃyukto varṇānāṃ tu svakarmasu
यहाँ उनका परस्पर व्यवहार चलता रहता है। वर्णों का यह आचार-व्यवहार अपने-अपने कर्मों में धर्म, अर्थ और काम से संयुक्त है।