Priyavrata-vaṃśa and Saptadvīpa Vibhāga (प्रियव्रतवंशः सप्तद्वीपविभागश्च)
बभूव तस्मिन् राज्ये तंभरतस्त्वभ्यषेचयत् / पुत्रसंक्रामितश्रीस्तु वनं राजा विवेश सः
babhūva tasmin rājye taṃbharatastvabhyaṣecayat / putrasaṃkrāmitaśrīstu vanaṃ rājā viveśa saḥ
उस राज्य में वह (सुमति) राजा हुआ; भरत ने उसका अभिषेक किया। लक्ष्मी को पुत्र में संक्रान्त कर राजा स्वयं वन में प्रविष्ट हो गया।