द्युतिमन्तं च राजानं क्रैञ्चद्वीपे ऽभ्यषेचयत् / शाकद्वीपेश्वरं चापि हव्यं चक्रे प्रियव्रतः
dyutimantaṃ ca rājānaṃ kraiñcadvīpe 'bhyaṣecayat / śākadvīpeśvaraṃ cāpi havyaṃ cakre priyavrataḥ
क्रैञ्चद्वीप में उसने द्युतिमान को राजा के रूप में अभिषिक्त किया; और शाकद्वीप का अधिपति भी प्रियव्रत ने हव्य को बनाया।