Agnibheda–Vaṃśa: Forms of Agni, Their Functions, and Progeny (अग्निभेद-वंशः)
तैरेव तु प्रसंख्यातमतीतानागतेष्विह / सन्वन्तरेषु सर्वेषु लक्षणं जातवेदसाम्
taireva tu prasaṃkhyātamatītānāgateṣviha / sanvantareṣu sarveṣu lakṣaṇaṃ jātavedasām
इन्हीं के द्वारा यहाँ अतीत और भविष्य के सभी मन्वन्तरों में जातवेद (अग्नियों) के लक्षण गिने गए हैं।