Agnibheda–Vaṃśa: Forms of Agni, Their Functions, and Progeny (अग्निभेद-वंशः)
तथा सव्यापसव्यौ च शंस्यस्याग्नेः सुतावुभौ / शंस्यस्तु षोडश नदीश्चकमे हव्यवाहनः
tathā savyāpasavyau ca śaṃsyasyāgneḥ sutāvubhau / śaṃsyastu ṣoḍaśa nadīścakame havyavāhanaḥ
इसी प्रकार शंस्य अग्नि के ‘सव्य’ और ‘अपसव्य’ नामक दोनों पुत्र हैं। और हव्यवाहन शंस्य ने सोलह नदियों का वरण किया।