पितृसर्ग-श्राद्धप्रश्नाः
Pitri-Origins and Shraddha Queries
कस्माच्च पितरः पूर्वं यज्ञं पुष्णन्ति नित्यशः / क्रियाश्च सर्वा वर्त्तन्ते श्राद्धपूर्वा महात्मनाम्
kasmācca pitaraḥ pūrvaṃ yajñaṃ puṣṇanti nityaśaḥ / kriyāśca sarvā varttante śrāddhapūrvā mahātmanām
और किस कारण पितर सदा पहले यज्ञ का पोषण करते हैं? महात्माओं की सभी क्रियाएँ श्राद्ध से आरम्भ होकर ही प्रवृत्त होती हैं।