पितृसर्ग-श्राद्धप्रश्नाः
Pitri-Origins and Shraddha Queries
एतद्ब्रह्मवचः श्रुत्वा सूतस्य विदितात्मनः / पप्रच्छुर्मुनयो भूयः सूतं तस्माद्यदुत्तरम्
etadbrahmavacaḥ śrutvā sūtasya viditātmanaḥ / papracchurmunayo bhūyaḥ sūtaṃ tasmādyaduttaram
विदितात्मा सूत के मुख से यह ब्रह्म-वचन सुनकर मुनियों ने फिर सूत से पूछा कि आगे क्या उत्तर है।