पितृसर्ग-श्राद्धप्रश्नाः
Pitri-Origins and Shraddha Queries
ते शप्ता ब्रह्मणा मूढा नष्टसंज्ञा भविष्यथ / तस्मात्किञ्चिन्न जानीत ततो लोकेषु मुह्यत
te śaptā brahmaṇā mūḍhā naṣṭasaṃjñā bhaviṣyatha / tasmātkiñcinna jānīta tato lokeṣu muhyata
तुम ब्रह्मा द्वारा शप्त होकर मूढ़ और चेतना-रहित हो जाओगे; इसलिए कुछ भी न जानोगे और लोकों में भ्रमित होते फिरोगे।