पितृसर्ग-श्राद्धप्रश्नाः
Pitri-Origins and Shraddha Queries
वर्तन्ते सांप्रतं चे तु तान्वै पक्ष्यामि निश्चयात् / श्राद्धक्रियां मनुश्चैषां श्राद्धदेवः प्रवर्त्तयेत्
vartante sāṃprataṃ ce tu tānvai pakṣyāmi niścayāt / śrāddhakriyāṃ manuścaiṣāṃ śrāddhadevaḥ pravarttayet
जो पितर इस समय विद्यमान हैं, उनका मैं निश्चयपूर्वक वर्णन करूँगा; इनके लिए श्राद्ध-क्रिया को श्राद्धदेव मनु प्रवर्तित करें।