राज्याभिषेक-विभागः
Distribution of Sovereignties / Appointments of Cosmic Lords
त्रेतायुगे चतुर्विंशे रावणस्तपसः क्षयात् / रामं दाशरथिं प्राप्य सगणः क्षयमीयिवान्
tretāyuge caturviṃśe rāvaṇastapasaḥ kṣayāt / rāmaṃ dāśarathiṃ prāpya sagaṇaḥ kṣayamīyivān
त्रेता-युग के चौबीसवें (काल) में तपस्या के क्षय से रावण दाशरथि श्रीराम को पाकर अपने गणों सहित विनाश को प्राप्त हुआ।