तस्य सा तद्वचो देवी सर्वं कृतवती तथा / अपानं च समासाद्य जुगुप्संती ह्यवर्जयत्
tasya sā tadvaco devī sarvaṃ kṛtavatī tathā / apānaṃ ca samāsādya jugupsaṃtī hyavarjayat
उस देवी ने उनके वचनानुसार सब कुछ वैसा ही किया। किन्तु अपान (गुदा) स्थान पर पहुँचकर, घृणा करती हुई उसने उसे छोड़ दिया।