Viṣṇu-māhātmya-varṇana & Vamśa-prasaṅga
Genealogical Continuation
अवलेपं तु तंमत्वा सुरद्वांस्तस्य नाक्षमत् / गोधर्म वै बलं कृत्वा स्नुषां स ह्यभ्यमन्यत
avalepaṃ tu taṃmatvā suradvāṃstasya nākṣamat / godharma vai balaṃ kṛtvā snuṣāṃ sa hyabhyamanyata
उसके उस दर्प को जानकर सुरद्वान उसे सह न सका। गो-धर्म को ही बल बनाकर उसने अपनी स्नुषा (बहू) का अपमान करने का निश्चय किया।