Viṣṇu-māhātmya-varṇana & Vamśa-prasaṅga
Genealogical Continuation
अनपत्यो मरुत्तस्तु स राजासीदिति श्रुतम् / दुष्कन्तं पौरवं चापि स वै पुत्रमकल्पयत्
anapatyo maruttastu sa rājāsīditi śrutam / duṣkantaṃ pauravaṃ cāpi sa vai putramakalpayat
सुना गया है कि राजा मरुत्त निःसंतान था। तब उसने पौरव वंश के दुष्कन्त को ही अपना पुत्र मानकर स्वीकार किया।