Jayantī–Kāvyā (Śukra) Saṃvāda: Varadāna and the Ten-Year Concealment
यज्ञेनोपाह्वयिष्यामस्ततो जेष्यामहे ऽसुरान् / अथोपामन्न्रयन्देवाः शण्डामकारै तु तावुभौ
yajñenopāhvayiṣyāmastato jeṣyāmahe 'surān / athopāmannrayandevāḥ śaṇḍāmakārai tu tāvubhau
हम यज्ञ के द्वारा देवशक्ति को आह्वान करेंगे, तब असुरों को जीत लेंगे। यह कहकर देवताओं ने शण्ड और अमर्क— उन दोनों को बुलाकर विनीत भाव से संबोधित किया।