Jayantī–Kāvyā (Śukra) Saṃvāda: Varadāna and the Ten-Year Concealment
एवं काष्ठामनुप्राप्ताः कलिसंध्यांशके तदा / प्रजाः क्षयं प्रयास्यन्ति सार्द्धं कलियुगेन तु
evaṃ kāṣṭhāmanuprāptāḥ kalisaṃdhyāṃśake tadā / prajāḥ kṣayaṃ prayāsyanti sārddhaṃ kaliyugena tu
इस प्रकार जब तब वे कलि-सन्ध्या के अंश में उस चरम दशा को पहुँचेंगे, तब प्रजाएँ कलियुग के साथ ही क्षय को प्राप्त होंगी।