Vṛṣṇivaṃśa–Anukīrtana (Enumeration of the Vṛṣṇi Lineage) — Questions on Viṣṇu’s Human Descent
सुरारणीगर्भमधत्त दिव्यं तपःप्रकर्षाददितिः पुरायम् / शक्रं च यो दैत्यगणं च रूद्धं गर्भावमानेन भृशं चकार ह
surāraṇīgarbhamadhatta divyaṃ tapaḥprakarṣādaditiḥ purāyam / śakraṃ ca yo daityagaṇaṃ ca rūddhaṃ garbhāvamānena bhṛśaṃ cakāra ha
प्राचीन काल में अदिति ने अपने महान तप के प्रभाव से दिव्य सुरारणी-गर्भ को धारण किया; उसी ने गर्भ के अपमान के कारण इन्द्र और दैत्य-गण को कठोर रूप से रोक दिया।