Vṛṣṇivaṃśa–Anukīrtana (Enumeration of the Vṛṣṇi Lineage) — Questions on Viṣṇu’s Human Descent
साधुसाध्वित्यदृश्यानां वाचस्ताः सस्वनुर्दिशः / दृष्ट्वा संजीवितामेवं देवीं तां भृगुणा तदा
sādhusādhvityadṛśyānāṃ vācastāḥ sasvanurdiśaḥ / dṛṣṭvā saṃjīvitāmevaṃ devīṃ tāṃ bhṛguṇā tadā
“साधु, साधु” कहते हुए अदृश्य जनों की वाणी दिशाओं में गूँज उठी। तब भृगु ने उस देवी को इस प्रकार पुनर्जीवित हुई देखकर।