Vṛṣṇivaṃśa–Anukīrtana (Enumeration of the Vṛṣṇi Lineage) — Questions on Viṣṇu’s Human Descent
देवलोकं किमुत्सृज्य मर्त्यलोकमिहागतः / देवमानुषयोर्नेता धातुर्यः प्रसवो हरिः
devalokaṃ kimutsṛjya martyalokamihāgataḥ / devamānuṣayornetā dhāturyaḥ prasavo hariḥ
देवलोक को छोड़कर वह यहाँ मर्त्यलोक में क्यों आए? जो देव और मनुष्य दोनों के नेता हैं, और जो धाता (विधाता) के भी कारण-प्रसव हरि हैं।