कार्त्तवीर्यसंभवः
Kārttavīrya’s Origin / Rise
रक्षिता सतु राजर्षिः प्रजानामिति नः श्रुतम् / कथं सरक्षिता भूत्वा नाशयेत तपोवनम्
rakṣitā satu rājarṣiḥ prajānāmiti naḥ śrutam / kathaṃ sarakṣitā bhūtvā nāśayeta tapovanam
हमने सुना है कि वह राजर्षि प्रजाओं का रक्षक था। फिर रक्षक होकर वह तपोवन का नाश कैसे कर सकता है?