Yadu-vaṃśa and the Haihaya Line: From Yadu to Kārtavīrya Arjuna
चकार क्षोभयन्राजा दोःसहस्रेण सागरम् / देवासुरपरिक्षिप्तं क्षीरोदमिव सागरम्
cakāra kṣobhayanrājā doḥsahasreṇa sāgaram / devāsuraparikṣiptaṃ kṣīrodamiva sāgaram
राजा ने अपनी सहस्र भुजाओं से समुद्र को मथ-सा क्षोभित कर दिया; वह समुद्र देवों और असुरों से घिरा, मानो क्षीरसागर हो गया।