Yadu-vaṃśa and the Haihaya Line: From Yadu to Kārtavīrya Arjuna
पुरा भुज सहस्रेण स जगाहे महार्मवम् / चकारोद्वृत्तवेलं तमकाले मारुतोद्धतम्
purā bhuja sahasreṇa sa jagāhe mahārmavam / cakārodvṛttavelaṃ tamakāle mārutoddhatam
पूर्वकाल में वह अपनी सहस्र भुजाओं से महासागर में उतरा; और वायु से उछले हुए, अकाल में ही, उसने उसकी मर्यादा-रेखा को उलट-पलट कर दिया।