Marut-Soma Boon and Nahusha–Yayati Lineage
Marutakanyā–Vamśa-varṇana
सर्वमर्हति कल्याणं कनीयानपि स प्रभुः / अर्हे ऽस्य पूरू राज्यस्य यः प्रियः प्रियकृत्तव
sarvamarhati kalyāṇaṃ kanīyānapi sa prabhuḥ / arhe 'sya pūrū rājyasya yaḥ priyaḥ priyakṛttava
वह प्रभु, चाहे कनिष्ठ ही क्यों न हो, समस्त कल्याण का अधिकारी है। वह पूरु के राज्य के योग्य है, क्योंकि वह प्रिय है और प्रिय कार्य करने वाला है।