Marut-Soma Boon and Nahusha–Yayati Lineage
Marutakanyā–Vamśa-varṇana
शर्मिष्ठायाः सुतो द्रुह्युस्ततो ऽनुः पूरुरेव च / कथं ज्येष्ठानतिक्रम्य कनीयान्राज्यमर्हति / सुतः संबोधयामस्त्वां धर्मं समनुपालय
śarmiṣṭhāyāḥ suto druhyustato 'nuḥ pūrureva ca / kathaṃ jyeṣṭhānatikramya kanīyānrājyamarhati / sutaḥ saṃbodhayāmastvāṃ dharmaṃ samanupālaya
शर्मिष्ठा का पुत्र द्रुह्यु, फिर अनु और फिर पूरु है। ज्येष्ठों को न लाँघकर कनिष्ठ कैसे राज्य का अधिकारी हो सकता है? हे पुत्र, हम तुम्हें समझाते हैं—धर्म का भली-भाँति पालन करो।