Marut-Soma Boon and Nahusha–Yayati Lineage
Marutakanyā–Vamśa-varṇana
राज्यं च त्वं गृहाणेदं त्वं हि मे प्रियकृत्सुतः / प्रतिपेदे जरां राजा ययातिर्नहुषात्मजः
rājyaṃ ca tvaṃ gṛhāṇedaṃ tvaṃ hi me priyakṛtsutaḥ / pratipede jarāṃ rājā yayātirnahuṣātmajaḥ
'और तुम यह राज्य भी ग्रहण करो, क्योंकि तुम ही मेरे प्रियकारी पुत्र हो।' नहुष के पुत्र राजा ययाति ने तब अपनी वृद्धावस्था पुनः प्राप्त कर ली।