Marut-Soma Boon and Nahusha–Yayati Lineage
Marutakanyā–Vamśa-varṇana
एवं वर्षसहस्रं तु चरेयं यौवनेन ते / अनुरुवाच जीर्णः शिशुरिवाशक्तो जरया ह्यशुचिः सदा / न जुहोति स काले ऽग्निं तां जरां नाभिकामये
evaṃ varṣasahasraṃ tu careyaṃ yauvanena te / anuruvāca jīrṇaḥ śiśurivāśakto jarayā hyaśuciḥ sadā / na juhoti sa kāle 'gniṃ tāṃ jarāṃ nābhikāmaye
मैं तेरे यौवन से ऐसे ही सहस्र वर्षों तक विचरूँगा। अनु ने कहा—मैं जरा से जीर्ण, शिशु-सा अशक्त और सदा अशुचि हूँ। वह समय पर अग्निहोत्र भी नहीं कर पाता; ऐसी जरा मैं नहीं चाहता।