Marut-Soma Boon and Nahusha–Yayati Lineage
Marutakanyā–Vamśa-varṇana
स्वं चादास्यामि भूयो ऽहं पाप्मानं जरया सह / द्रुह्युरुवाच नारोहेत रथं नाश्वं जीर्णो भुङ्क्ते न च स्त्रियम् / न सुखं चास्य भवति न जरां तेन कामये
svaṃ cādāsyāmi bhūyo 'haṃ pāpmānaṃ jarayā saha / druhyuruvāca nāroheta rathaṃ nāśvaṃ jīrṇo bhuṅkte na ca striyam / na sukhaṃ cāsya bhavati na jarāṃ tena kāmaye
मैं फिर से अपना पाप और जरा सहित तुम्हें दे दूँगा। द्रुह्यु बोला—वृद्ध न रथ पर चढ़ सकता है, न घोड़े पर; न वह स्त्री का भोग कर पाता है। उसे सुख नहीं मिलता; इसलिए मैं जरा नहीं चाहता।