Marut-Soma Boon and Nahusha–Yayati Lineage
Marutakanyā–Vamśa-varṇana
इति श्रीब्रह्माण्डे महापुराणे वायुप्रोक्ते मध्यमभागे तृतीय उपोद्धातपादे धन्वन्तरिसंभवादिवर्णनं नाम सप्तषष्टितमो ऽध्यायः // ६७// ऋषय ऊचुः मरुतेन कथं कन्या राज्ञे दत्ता महात्मना / किंवीर्याश्च महात्मानो जाता मरुतकन्यया
iti śrībrahmāṇḍe mahāpurāṇe vāyuprokte madhyamabhāge tṛtīya upoddhātapāde dhanvantarisaṃbhavādivarṇanaṃ nāma saptaṣaṣṭitamo 'dhyāyaḥ // 67// ṛṣaya ūcuḥ marutena kathaṃ kanyā rājñe dattā mahātmanā / kiṃvīryāśca mahātmāno jātā marutakanyayā
इस प्रकार श्रीब्रह्माण्ड महापुराण के वायुप्रोक्त मध्यमभाग के तृतीय उपोद्धातपाद में ‘धन्वन्तरि-सम्भव आदि का वर्णन’ नामक सड़सठवाँ अध्याय समाप्त। ऋषियों ने कहा— महात्मा मरुत ने कन्या को राजा को कैसे दिया? और मरुत-कन्या से कौन-से पराक्रमी महात्मा उत्पन्न हुए?