Somavaṃśa-prasavaḥ
Birth of the Lunar Line: Budha–Purūravas and the Urvaśī Episode
विश्वामित्रं तु दायादं गाधिः कुशिकनन्दनः / प्राप्य ब्रह्मर्षिसमतां जगाम ब्रह्मणा वृतः ६६।५८// सा हि सत्यवती पुण्या सत्यव्रतपरायणा / कौशिकी तु समाख्याता प्रवृत्तेयं महानदी
viśvāmitraṃ tu dāyādaṃ gādhiḥ kuśikanandanaḥ / prāpya brahmarṣisamatāṃ jagāma brahmaṇā vṛtaḥ 66.58// sā hi satyavatī puṇyā satyavrataparāyaṇā / kauśikī tu samākhyātā pravṛtteyaṃ mahānadī
कुशिकनन्दन गाधि ने विश्वामित्र को उत्तराधिकारी पाकर, ब्रह्मर्षि-समता प्राप्त की और ब्रह्मा द्वारा वृत होकर परम पद को गए। वह पुण्या सत्यवती सत्यव्रत में स्थित थीं; उन्हीं से ‘कौशिकी’ नाम की यह महानदी प्रवाहित हुई।