Somavaṃśa-prasavaḥ
Birth of the Lunar Line: Budha–Purūravas and the Urvaśī Episode
इति श्रीब्रह्माण्डे महापुराणे वायुप्रोक्ते मध्यमभागे तृतीय उपोद्धातपादे सोमसौम्ययोर्जन्मकथनं नाम पञ्चषष्टितमो ऽध्यायः // ६५// सूत उवाच सोमस्य तु बुधः पुत्रो बुधस्य तु पुरूरवाः / तेजस्वी दानशीलश्च यज्वा विपुलदक्षिणः
iti śrībrahmāṇḍe mahāpurāṇe vāyuprokte madhyamabhāge tṛtīya upoddhātapāde somasaumyayorjanmakathanaṃ nāma pañcaṣaṣṭitamo 'dhyāyaḥ // 65// sūta uvāca somasya tu budhaḥ putro budhasya tu purūravāḥ / tejasvī dānaśīlaśca yajvā vipuladakṣiṇaḥ
इस प्रकार श्रीब्रह्माण्ड महापुराण के वायुप्रोक्त मध्यमभाग के तृतीय उपोद्धातपाद में ‘सोम और सौम्य के जन्म का वर्णन’ नामक पैंसठवाँ अध्याय। सूत बोले—सोम के पुत्र बुध हुए और बुध के पुत्र पुरूरवा; वह तेजस्वी, दानशील, यज्ञकर्ता और विपुल दक्षिणा देने वाला था।