गान्धर्वमूर्छनालक्षणवर्णनम्
Description of Gandharva Mūrchanā Characteristics
वाक्यार्थपदयोगार्थैरलङ्कारैश्च पूरणम् / पदानि गीतकस्याहुः पुरस्तात्पृष्ठतो ऽथ वा
vākyārthapadayogārthairalaṅkāraiśca pūraṇam / padāni gītakasyāhuḥ purastātpṛṣṭhato 'tha vā
वाक्य-अर्थ, पद-अर्थ, पद-योग-अर्थ तथा अलंकारों द्वारा जो पूर्ति होती है, उसे गीतक के पद कहते हैं—वह आगे भी हो सकती है और पीछे भी।