गान्धर्वमूर्छनालक्षणवर्णनम्
Description of Gandharva Mūrchanā Characteristics
स्येनस्तु अपरो हस्त उत्तरः कमलाकलः / प्रमाणघसबिन्दुर्ना जायते विदुरे पुनः
syenastu aparo hasta uttaraḥ kamalākalaḥ / pramāṇaghasabindurnā jāyate vidure punaḥ
श्येन एक भिन्न हस्त है, और उत्तर दिशा कमल-कला से युक्त है। परिमाण का घन-बिंदु फिर दूरस्थ में उत्पन्न नहीं होता।