Bhārgavaṃ prati Varuṇāgamanaṃ
Varuṇa’s Approach to Bhārgava/Paraśurāma
तस्मान्मदर्थे सलिलं समुत्सार्यात्मनो भवान् / दातुमर्हति तत्क्षेत्रमेषां तोये च पूर्ववत्
tasmānmadarthe salilaṃ samutsāryātmano bhavān / dātumarhati tatkṣetrameṣāṃ toye ca pūrvavat
इसलिए मेरे लिए तुम अपना जल हटाकर वह क्षेत्र प्रदान करो, और इन मुनियों के लिए भी पहले की भाँति जल रहने दो।