Bhārgavaṃ prati Varuṇāgamanaṃ
Varuṇa’s Approach to Bhārgava/Paraśurāma
निपपात महाराज सूचयन्रामविक्रमम् / यत्राभूद्रामसृष्टाया भुवो निष्ठाथ पार्थिव
nipapāta mahārāja sūcayanrāmavikramam / yatrābhūdrāmasṛṣṭāyā bhuvo niṣṭhātha pārthiva
हे महाराज, वह राम के पराक्रम का संकेत करता हुआ वहीं गिर पड़ा, जहाँ राम द्वारा रची हुई भूमि की सीमा स्थिर हुई, हे पार्थिव।