गङ्गानयनम् (Gaṅgānayana) — “The Bringing/Leading of the Gaṅgā”
सर्वर्त्तुफलपुष्पाढ्यतरुखण्डमनोहरम् / स्निग्धच्छायमनौपम्यं स्वामोदिसुखमारुतम्
sarvarttuphalapuṣpāḍhyatarukhaṇḍamanoharam / snigdhacchāyamanaupamyaṃ svāmodisukhamārutam
वह आश्रम-प्रदेश सब ऋतुओं के फल-फूलों से भरे मनोहर वृक्ष-समूहों वाला था; उसकी छाया स्निग्ध थी, अनुपम थी, और वहाँ सुगंधित सुखद पवन बहती थी।