गङ्गानयनम् (Gaṅgānayana) — “The Bringing/Leading of the Gaṅgā”
मुहूर्त्तमिव राजेन्द्र तीरेनदनदीपतेः / विशश्रमे महाबाहुर्द्रष्टुकामः प्रचेतसम्
muhūrttamiva rājendra tīrenadanadīpateḥ / viśaśrame mahābāhurdraṣṭukāmaḥ pracetasam
हे राजेन्द्र! नदी के अधिपति के तट पर महाबाहु राम प्रचेतस (वरुण) के दर्शन की इच्छा से क्षणभर विश्राम करने लगे।