सगरचरिते सागराविनाशः
The Quelling of the Ocean-Destruction Episode in the Sagara Narrative
त्वमेव संततिर्मह्यं राज्यस्यास्य च रक्षिता / त्वदायत्तमशेषं मे श्रेयो ऽमुत्र परत्र च
tvameva saṃtatirmahyaṃ rājyasyāsya ca rakṣitā / tvadāyattamaśeṣaṃ me śreyo 'mutra paratra ca
तुम ही मेरी संतान-परंपरा हो और इस राज्य के रक्षक भी; इस लोक और परलोक में मेरा समस्त कल्याण तुम्हीं पर निर्भर है।