सगरचरिते सागराविनाशः
The Quelling of the Ocean-Destruction Episode in the Sagara Narrative
वसिष्ठेनैवमुक्तस्तु राजा कार्यार्थतत्त्ववित् / धृतिं सत्त्वं समालंब्य तथेति प्रत्यभाषत
vasiṣṭhenaivamuktastu rājā kāryārthatattvavit / dhṛtiṃ sattvaṃ samālaṃbya tatheti pratyabhāṣata
वसिष्ठ के ऐसा कहने पर, कार्य और अर्थ का तत्त्व जानने वाले राजा ने धैर्य और साहस का आश्रय लेकर ‘ऐसा ही’ कहकर उत्तर दिया।