सगरचरिते सागराविनाशः
The Quelling of the Ocean-Destruction Episode in the Sagara Narrative
दृष्टस्ते महिमानेन व्याप्तमासीच्चराचरम् / क्षमस्व संहर क्रोधं नमस्ते विप्रपुङ्गव
dṛṣṭaste mahimānena vyāptamāsīccarācaram / kṣamasva saṃhara krodhaṃ namaste viprapuṅgava
आपका वह महिमा हमने देखा है जिससे चराचर जगत व्याप्त हो गया था। कृपा कर क्षमा कीजिए, अपना क्रोध समेट लीजिए। हे विप्रपुंगव! आपको नमस्कार है।