अश्वमोचनम् (Aśvamocanam) — “The Release/Recovery of the Sacrificial Horse”
विक्रोश्य सर्वभूतानि संप्रयाताः स्वकर्मभिः / ब्रह्मदण्डहताः पापा निरयं शाश्वतीः समाः
vikrośya sarvabhūtāni saṃprayātāḥ svakarmabhiḥ / brahmadaṇḍahatāḥ pāpā nirayaṃ śāśvatīḥ samāḥ
सब प्राणियों को रुला-चिल्ला कर वे अपने कर्मों के साथ चले गए; ब्रह्मदण्ड से आहत वे पापी शाश्वत वर्षों तक नरक को प्राप्त हुए।