अश्वमोचनम् (Aśvamocanam) — “The Release/Recovery of the Sacrificial Horse”
विरेजुर्निभृतांभोधेर्वडवाग्नेरिवार्चिषः / क्रोधाग्निः सुमहाराज ज्वालावव्याप्तदिगन्तरः
virejurnibhṛtāṃbhodhervaḍavāgnerivārciṣaḥ / krodhāgniḥ sumahārāja jvālāvavyāptadigantaraḥ
हे सुमहाराज, वे शांत समुद्र में वडवाग्नि की ज्वालाओं-सी चमक उठीं; क्रोधाग्नि की लपटों ने समस्त दिगन्तर को व्याप्त कर लिया।