अश्वमोचनम् (Aśvamocanam) — “The Release/Recovery of the Sacrificial Horse”
दिधक्षुरिव पातालांल्लोकान्सांकर्षणो ऽनलः / शुशुभे धर्षणक्रोधपरामर्शविदीपितः
didhakṣuriva pātālāṃllokānsāṃkarṣaṇo 'nalaḥ / śuśubhe dharṣaṇakrodhaparāmarśavidīpitaḥ
मानो पाताल-लोकों को भस्म करने को उद्यत संकर्षण-अग्नि; अपमानजन्य क्रोध के स्पर्श से दीप्त होकर वह शोभायमान हुआ।