सगरस्यौर्वाश्रमगमनम्
Sagara’s Journey to Aurva’s Hermitage
नवप्रसूतां हरिणीं हत्वा वृत्त्यै वनान्तरे / व्याघ्री त्वत्तपसावासे सैव पुष्णाति तच्छिशून्
navaprasūtāṃ hariṇīṃ hatvā vṛttyai vanāntare / vyāghrī tvattapasāvāse saiva puṣṇāti tacchiśūn
वन में जीविका के लिए नवप्रसूता हरिणी को मारकर भी वही व्याघ्री तुम्हारे तपोवन-आवास में उसके शिशुओं का पालन करती है।