सगरस्यौर्वाश्रमगमनम्
Sagara’s Journey to Aurva’s Hermitage
पश्यसिंहासने बाल्यादुपेत्य मृगपोतकः / पिबत्यंभः शनैर्ब्रह्मन्निःशङ्कं ते तपोवने
paśyasiṃhāsane bālyādupetya mṛgapotakaḥ / pibatyaṃbhaḥ śanairbrahmanniḥśaṅkaṃ te tapovane
हे ब्रह्मन्, देखिए—आपके तपोवन में एक मृगशावक बचपन से ही सिंहासन के पास आकर निःशंक होकर धीरे-धीरे जल पीता है।